
सोलन / धर्मपुर। भवन निर्माण में कोताही बरतने वाले भवन मालिकों पर साडा (विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण) ने शिकंजा कस दिया है। नगर एवं ग्राम योजना विभाग ने पर्यटन स्थल बड़ोग में 29 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। इन भवन मालिकों ने भवनों के निर्माण साडा के नियमों को ताक में रखकर किए हैं। विभाग ने नोटिस में भवन निर्माण में आवश्यक बातों को ध्यान में न रखने का जवाब मांगा है। इसकी पुष्टि नगर एवं ग्राम नियोजन के योजना अधिकारी रमेश भारद्वाज ने की है। उन्होंने कहा कि भवनों के निर्माण में कोताही बरती गई है। लिहाजा नोटिस की कार्रवाई की गई है। पंद्रह दिनों के भीतर अगर नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं आता तो आगामी कार्रवाई निर्माण हटाने की होगी।
निर्माण की छूट का गलत इस्तेमाल
सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए छूट दी गई थी। जिसमें टीसीपी से बिना नक्शा पास करवाए नियमों में रहकर भवन निर्माण करवा सकते थे। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में कई नए भवन तैयार हुए। मगर साडा ने नए भवनों की जांच की तो उनमें कई खामियां र्पाइं गई।
केस वन
एक भवन मालिक ने नियमों के मुताबिक पार्किंग, पानी के टैंक और रास्ते का निर्माण नहीं किया है। कायदे के तहत सभी चीजें एक निर्माण में जरूरी है। लिहाजा इसे नोटिस थमाकर जवाब पूछा जा रहा है कि निर्माण करते वक्त नियमों का अनुसरण क्यों नहीं किया गया?
केस टू
एक अन्य मामले में पार्किंग के लिए जगह तो छोड़ दी है, लेकिन पार्किंग स्थान पर एक बड़ा व्यवसायिक भवन तैयार कर लिया गया है। साडा के नियमों के तहत ऐसा नहीं हो सकता है। जिस पर टीसीपी विभाग कार्रवाई करने जा रहा है।
केस थ्री
बढ़ोग में नोटिस जारी होने के एक अन्य मामले में तीन मंजिल की जगह चार से पांच मंजिलें भी बना दीं। वहीं रास्ते, पार्किंग व टैंक निर्माण करवाने की औपचारिकताएं अमल में नहीं लाई गई हैं। लिहाजा नोटिस की कार्रवाई हुई है।
सभी क्षेत्रों में हो रहा है सर्वे
इस संबंध में टीसीपी अधिकारी संदीप शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों को भवन निर्माण के लिए विशेष छूट दी गई थी। कुछ लोगों ने इसका गलत फायदा उठाया है। उन पर कार्रवाई की जाएगी। टीसीपी साडा के अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्रों में इस प्रकार के सर्वे करवाएगी तथा कोताही बरतने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
